आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं से लैस हुआ घुसुड़ी श्रीकुशवाहा विद्यालय

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हावड़ाः जीवन में सीखोगे तभी तुम महान बनोगे। सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के लिए आधुनिकतम तकनीक से लैस है श्री कुशवाहा विद्यालय। उक्त बातें राउंड टेबल इंडिया के कर्मठ कार्यकर्ता संदीप कपूर ने कहा, इस तरह के अत्याधुनिक तकनीक से बच्चों को शिक्षा देने के लिए श्री कुशवाहा विद्यालय घुसूड़ी में सरकारी स्कूलों के बीच इस तरह की व्यवस्था देनेवाला पहला स्कूल बन रहा है। इस अंचल के बच्चे जहां जाएंगे वहां नाम करेंगे। विद्यालय में स्मार्ट टेलीविजन से सुसज्जित मल्टीमीडिया क्लास रूम के माध्यम से विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप शिक्षण का बेहतरीन शिक्षकों की लाइव कक्षाओं का लाभ मिल सकेगा प्रशिक्षकों द्वारा तैयार किए गए। क्रिएटिव एक्टिविटी, ग्रुप वर्क, प्रोजेक्ट वर्क एवं शिक्षकों के लिए क्षमताव‌र्द्धन तथा मोरल व मोटिवेशनल प्रशिक्षण कक्षाओं का लाभ इस विद्यालय को सीधे तौर पर मिलेगा। साथी विद्यालय को इस तरीके से सजाया गया है कि बच्चे आकर्षित होंगे पढ़ने के प्रति उनका उत्साह बढ़ेगा। साथी विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा के अलावा स्कूल डेवलपमेंट जॉब ट्रेनिंग का भी कार्य चलाया जाएगा। जिसकी देखरेख स्वर्णिम फाउंडेशन नामक संस्था करेगी।


विद्यालय की सुंदरीकरण किया जा रहा है वहीं CCTV कैमरा से विद्यालय को लैस भी किया जा रहा है। सभी कक्षाओं में साउंड सिस्टम होगा सरकारी विद्यालयों के लिए मिशाल बन रहा श्री कुशवाहा विद्यालय सरकारी विद्यालयों की बिगड़ती छवि की चर्चा के बीच कुशवाहा विद्यालय मिसाल पेश कर रहा है। सरकारी विद्यालय में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ यहां की प्रतिकृति बरबस ही अभिभावक व बच्चों को आकर्षित करती है। विद्यालय की व्यवस्था और यहां मिलने वाली सुविधा के कारण अभिभावकों को अपने बच्चे का नामांकन इस विद्यालय में कराने की होड़ सी लगती है। विद्यालय के मुख्यद्वार पर बना कलाकृति काफी आकर्षक है। जबकि दीवारों पर चित्रकारी की प्रतिकृति बरबस ही लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। विद्यालय की दीवार पर जबकि यहां शैक्षणिक व्यवस्था भी अन्य विद्यालयों के लिए नजीर बन रही है। विद्यालय के हर कमरे को प्राकृतिक प्रेरणा से प्रेरित करने के उद्देश्य से गमलों से सजाया गया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 845 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। जबकि विद्यालय में 7 शिक्षक पदस्थापित हैं। विद्यालय में कुल 12 कमरे आधुनिक व्यवस्था से लैस हैं। जबकि शिक्षा के साथ बच्चों को अनुशासन एवं स्वच्छता को लेकर भी प्रेरित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार विद्यालय की बागवानी भी काफी आकर्षक है। जबकि विज्ञान एवं सामाजिक अध्ययन की शिक्षा के लिए बच्चों को आधुनिक तकनीक के तहत शिक्षा दी जा रही है।
विद्यालय में बच्चों को शैक्षणिक तौर पर तैयार करने के साथ ही उन्हें अन्य ज्ञान भी दिया जा रहा है। विद्यालय की व्यवस्था क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के लिए मिसाल बन चुकी है। इस विद्यालय को बदलने में कई सामाजिक लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जहां राउंड टेबल इंडिया स्वर्णिम फाउंडेशन इस विद्यालय के आधुनिक करण और रखरखाव में अपना योगदान दे रही है। वहीं सामाजिक स्थल पर बिट्टू श्रीवास्तव विनोद राम अजीत वर्मा रविकांत पांडे का भी काफी बड़ा योगदान रहा है।

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